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Navratri में महिलाओ को माथे पे कंकु और चन्दन का चांदला क्यू लगाना चाहिए.

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Navratri में महिलाओ को कंकु का चांदला लगानेकी परंपरा होती है. मेडिकल साइंस की सुने तो हमारे माथे के बिच पनियल ग्रंथि होती है, जहा पर हम चंदला लगते है. वहांपर आदेश चक्र होता है.

उसको महिलाओ का सोले श्रृंगार में से एक गिना जाता है. हिन्दू धर्म में उसको जरुरी परम्परा माना जाता है. उसको लगाने से चहेरे की रौनक और बढ़ जाती है. उसके कारण ही भारतीय महिलाओ का श्रृंगार चांदला के बिना अधूरा माना जाता है. चंदला से चेहरे का निखार बढ़ता है.

ये परंपरा व्याहारिक दृष्टि से जरुरी तो है ही, स्वास्थ की दृष्टि से भी इसको ख़ास माना जाता है. काशी के पं. गणेश मिश्रा की अनुसार एक समय पर बहुत सारे विषय पर मंथन करती रहती है. उसकी वजह से उसके मन को नियंत्रिक और स्थिर करने के किये चांदलो करना खूब जरुरी है. जिसकी वजह से मन शांत और एकाग्र रहता है. Navratri का नाम सुनते ही हमें माँ अम्बा की याद आती है लेकिन क्या आपको पता है की माँ अम्बा का नाम माँ उमा से आया है.

मन शांत और एकाग्र रहने में मदद मिलती है.

Navratri 2020

  • माथा की बिच की जगह जहा पर चांदलो लगाया जाता है उस जगह को सुप्राटोक्लियर नर्व से सम्बंधित है. उसमे आँख और त्वचा के लिए जरुरी फाइबर रहते है. वो आँख को अलग दिशा में देखने के लिए मददगार साबित होता है.
  • मेडिकल साइंस अनुसार हमारे माथे के बिच पनियल ग्रंथि होती है, जहा पर हम चंदला लगते है. तब ये ग्रंथि अपना काम जल्दी करना चालू करती है.
  • चांदलो लगाने से हॉर्मोन्स बैलेंस रहते है. जिससे हमारी निराशा दूर होती है. और दिमाग में आनद आता है. जिससे माथा का दर्द कम हो जाता है.
  • जहा पर हम चंदला करते है वहां पर आदेश चक्र होता है. जो हमारे मन को भटकनेसे रोकता है. मन को एकाग्र करने के लिए ये चक्र पर दबान देना पड़ता है.
  • चन्दन का चंदला लगानेसे मन में शांति का अनुभव होता है. और मन की एकाग्रता बढ़ती है.

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Linda Barbara

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